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Parts of Plant and Function of Root

Parts of Plant

Plants के कई भाग होते हैं – ये भाग root, stem, branches, leaves, flowers तथा fruits हैं। Plants के कुछ भाग जमीन के उपर होते हैं तथा कुछ भाग जमीन के नीचे होते हैं। Plants के भागों को दो part में बाँटा जा सकता है-

Root
Plants का भाग जो जमीन के अन्दर होता है, को root कहते हैं। Root को भी कई भाग होते हैं। Root के अलग-अलग भाग अलग-अलग कार्य करते हैं। Root के अलग-अलग भाग मिलकर एक system बनाते हैं जिसे Root system कहते हैं।

Shoot
Plants का भाग जो जमीन के बाहर होता है, को shoot कहते हैं। Shoot के भी कई भाग जैसे – branches, leaves, flowers, fruits, आदि होते हैं। Shoot के अलग-अलग भाग अलग-अलग कार्य करते हैं। Shoot के अलग-अलग भाग मिलकर एक system बनाते हैं जिसे Shoot system कहते हैं।

Plants का पूरा भाग जो जमीन के बाहर होता है को सम्मिलित रूप से Shoot System कहा जाता है।

The Root

Root plant का बहुत ही महत्वपूर्ण part है। Root plant को जमीन से water तथा minerals absorb करने में help करता है। Plants जमीन से root के द्वारा प्राप्त minerals तथा water की मदद से भोजन बनाता है। Root जमीन पर plant को सीधा खडा रखता है तथा plant को गिरने से रोके रखता है।

Types of roots (Root के प्रकार)
सभी plant के root एक जैसे नहीं बल्कि अलग-अलग तरह के होते हैं। Root मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं।

Tap Root

Tap Root एक मोटे लम्बे डण्डे के आकार का होता है तथा उसमें से कई मोटे-पतले रस्से जैसा Root निकला होता है। कई plant जैसे beans, rose, lady fingers, radish, carrot, beet तथा कई बडे पेड जसे – peepal, neem, mango आदि में Tap Root होता है।

Fibrous Root में कई पतले-पतले रस्से के आकार का root plant के base से निकलकर जमीन के अंदर की ओर जाते हैं। Fibrous Root छोटे plants में पाया जाता है। छोटे plants जैसे grass, banana, wheat, paddy, maize, तथा सभी अनाजों के पौधों में fibrous root होता है

Function of Root

Root के कार्य (Function of Root)

Roots जमीन से water तथा minerals को absorb करता है।

Roots पौधों को जमीन पर एक जगह थामे रखता है।

Roots पौधों को जमीन पर सीधा खडा रखता है।

कुछ plant अपने root में food तथा nutrients को भविष्य में उपयोग के लिये store करके रखता है।

Modified Root
बहुत plants के root दूसरे अतिरिक्त कार्य के लिय modified हो जाते हैं, उन्हें modified roots कहते हैं। Modified roots के कुछ example निम्नांकित हैं:

Edible Roots
कुछ plants के root modified होकर normal से अधिक मोटे हो जाते हैं तथा plants के द्वारा बनाये गये भोजन को भविष्य के लिये store कर रखते हैं, जैसे – Radish, carrot, तथा beat root आदि। ऐसे roots को हमलोग खाने के रूप में उपयोग करते हैं। ऐसे roots को edible roots कहा जाता है।

Aerial Roots
Roots जो modified होकर जमीन से बाहर आकर plants के लिये extra कार्य करते हैं Aerial Roots कहलाते हैं।

कुछ बडे पेडों के roots पेडों को extra support देने के लिये modified हो जाते हैं। ऐसे roots जमीन से बाहर होते हैं तथा पेडों के branches से निकलकर नीचे जमीन में जाते हैं। जैसे baniyan tree, peepal tree, etc. आदि के Aerial Roots.

कुछ plants के stems पतले तथा लम्बे होते हैं। ऐसे plants को सीधा खडे रहने के लिये extra support की आवश्यक्ता होती है। ऐसे plants में extra roots उनके base से निकलते हैं, जो पौधों को सीधा खडे रहने में सहायता करते हैं, ये roots aerial roots होते हैं। जैसे कि maize, sugarcane, आदि के plants.